हिंदू पंचांग · 2044 · IST
एकादशी 2044: सभी तिथियाँ
अगली
पापांकुशा एकादशी · गुरु 22 अक्टूबर 2026
तिथि बुध 21 अक्टूबर, 2:12 PM से गुरु 22 अक्टूबर, 2:48 PM (IST)
एकादशी हर चंद्र पक्ष की 11वीं तिथि है, जिसका व्रत भगवान विष्णु की पूजा के साथ रखा जाता है। नीचे 2044 की पूरी सूची है, हर तिथि के प्रारंभ और समाप्ति तथा पारण (व्रत खोलने) के समय के साथ।
सोम 11 जनवरी 2044
पौष पुत्रदा एकादशी · शुक्ल पक्ष, पौष
तिथि: रवि 10 जनवरी, 4:50 PM से सोम 11 जनवरी, 2:00 PM
पारण: मंगल 12 जनवरी, 7:15 AM से 10:47 AM
सोम 25 जनवरी 2044
षटतिला एकादशी · कृष्ण पक्ष, पौष
तिथि: रवि 24 जनवरी, 11:10 PM से मंगल 26 जनवरी, 1:45 AM
पारण: मंगल 26 जनवरी, 7:12 AM से 4:12 AM
मंगल 9 फ़रवरी 2044
जया एकादशी · शुक्ल पक्ष, माघ
तिथि: मंगल 9 फ़रवरी, 1:35 AM से मंगल 9 फ़रवरी, 10:52 PM
पारण: बुध 10 फ़रवरी, 7:03 AM से 8:01 PM
बुध 24 फ़रवरी 2044
विजया एकादशी · कृष्ण पक्ष, माघ
तिथि: मंगल 23 फ़रवरी, 8:00 PM से बुध 24 फ़रवरी, 10:07 PM
पारण: गुरु 25 फ़रवरी, 6:50 AM से 11:49 PM
गुरु 10 मार्च 2044
आमलकी एकादशी · शुक्ल पक्ष, फाल्गुन
तिथि: बुध 9 मार्च, 9:17 AM से गुरु 10 मार्च, 7:10 AM
पारण: शुक्र 11 मार्च, 6:35 AM से 5:13 AM
शुक्र 25 मार्च 2044
पापमोचनी एकादशी · कृष्ण पक्ष, फाल्गुन
तिथि: गुरु 24 मार्च, 3:33 PM से शुक्र 25 मार्च, 4:46 PM
पारण: शनि 26 मार्च, 6:17 AM से 5:18 PM
शुक्र 8 अप्रैल 2044
कामदा एकादशी · शुक्ल पक्ष, चैत्र
तिथि: गुरु 7 अप्रैल, 5:00 PM से शुक्र 8 अप्रैल, 3:52 PM
पारण: शनि 9 अप्रैल, 6:01 AM से 3:07 PM
रवि 24 अप्रैल 2044
वरूथिनी एकादशी · कृष्ण पक्ष, चैत्र
तिथि: शनि 23 अप्रैल, 8:29 AM से रवि 24 अप्रैल, 8:29 AM
पारण: सोम 25 अप्रैल, 5:45 AM से 7:40 AM
शनि 7 मई 2044
मोहिनी एकादशी · शुक्ल पक्ष, वैशाख
तिथि: शनि 7 मई, 1:45 AM से रवि 8 मई, 1:45 AM
पारण: रवि 8 मई, 5:34 AM से 2:11 AM
सोम 23 मई 2044
अपरा एकादशी · कृष्ण पक्ष, वैशाख
तिथि: रवि 22 मई, 10:02 PM से सोम 23 मई, 8:47 PM
पारण: मंगल 24 मई, 5:25 AM से 6:45 PM
सोम 6 जून 2044
निर्जला एकादशी · शुक्ल पक्ष, ज्येष्ठ
तिथि: रवि 5 जून, 12:14 PM से सोम 6 जून, 1:16 PM
पारण: मंगल 7 जून, 5:22 AM से 2:44 PM
बुध 22 जून 2044
योगिनी एकादशी · कृष्ण पक्ष, ज्येष्ठ
तिथि: मंगल 21 जून, 8:15 AM से बुध 22 जून, 5:58 AM
पारण: गुरु 23 जून, 5:24 AM से 3:03 AM
मंगल 5 जुलाई 2044
देवशयनी एकादशी · शुक्ल पक्ष, आषाढ़
तिथि: मंगल 5 जुलाई, 12:48 AM से बुध 6 जुलाई, 2:39 AM
पारण: बुध 6 जुलाई, 5:29 AM से 4:48 AM
गुरु 21 जुलाई 2044
कामिका एकादशी · कृष्ण पक्ष, आषाढ़
तिथि: बुध 20 जुलाई, 3:47 PM से गुरु 21 जुलाई, 12:56 PM
पारण: शुक्र 22 जुलाई, 5:37 AM से 9:38 AM
गुरु 4 अगस्त 2044
श्रावण पुत्रदा एकादशी · शुक्ल पक्ष, श्रावण
तिथि: बुध 3 अगस्त, 3:36 PM से गुरु 4 अगस्त, 5:56 PM
पारण: शुक्र 5 अगस्त, 5:45 AM से 8:21 PM
शुक्र 19 अगस्त 2044
अजा एकादशी · कृष्ण पक्ष, श्रावण
तिथि: गुरु 18 अगस्त, 9:48 PM से शुक्र 19 अगस्त, 6:53 PM
पारण: शनि 20 अगस्त, 5:53 AM से 3:47 PM
शनि 3 सितंबर 2044
परिवर्तिनी एकादशी · शुक्ल पक्ष, भाद्रपद
तिथि: शुक्र 2 सितंबर, 8:31 AM से शनि 3 सितंबर, 10:53 AM
पारण: रवि 4 सितंबर, 6:00 AM से 1:01 PM
शनि 17 सितंबर 2044
इंदिरा एकादशी · कृष्ण पक्ष, भाद्रपद
तिथि: शनि 17 सितंबर, 3:37 AM से रवि 18 सितंबर, 1:09 AM
पारण: रवि 18 सितंबर, 6:07 AM से 10:42 PM
रवि 2 अक्टूबर 2044
पापांकुशा एकादशी · शुक्ल पक्ष, आश्विन
तिथि: रवि 2 अक्टूबर, 2:56 AM से सोम 3 अक्टूबर, 4:46 AM
पारण: सोम 3 अक्टूबर, 6:15 AM से 6:02 AM
सोम 17 अक्टूबर 2044
रमा एकादशी · कृष्ण पक्ष, आश्विन
तिथि: रवि 16 अक्टूबर, 10:30 AM से सोम 17 अक्टूबर, 8:53 AM
पारण: मंगल 18 अक्टूबर, 6:24 AM से 7:28 AM
मंगल 1 नवंबर 2044
प्रबोधिनी (देवउठनी) एकादशी · शुक्ल पक्ष, कार्तिक
तिथि: सोम 31 अक्टूबर, 9:43 PM से मंगल 1 नवंबर, 10:28 PM
पारण: बुध 2 नवंबर, 6:34 AM से 10:26 PM
मंगल 15 नवंबर 2044
उत्पन्ना एकादशी · कृष्ण पक्ष, कार्तिक
तिथि: सोम 14 नवंबर, 7:35 PM से मंगल 15 नवंबर, 7:02 PM
पारण: बुध 16 नवंबर, 6:44 AM से 6:50 PM
गुरु 1 दिसंबर 2044
मोक्षदा एकादशी · शुक्ल पक्ष, मार्गशीर्ष
तिथि: बुध 30 नवंबर, 3:23 PM से गुरु 1 दिसंबर, 2:47 PM
पारण: शुक्र 2 दिसंबर, 6:57 AM से 1:19 PM
गुरु 15 दिसंबर 2044
सफला एकादशी · कृष्ण पक्ष, मार्गशीर्ष
तिथि: बुध 14 दिसंबर, 7:34 AM से गुरु 15 दिसंबर, 8:09 AM
पारण: शुक्र 16 दिसंबर, 7:07 AM से 9:10 AM
शुक्र 30 दिसंबर 2044
पौष पुत्रदा एकादशी · शुक्ल पक्ष, पौष
तिथि: शुक्र 30 दिसंबर, 6:43 AM से शनि 31 दिसंबर, 4:54 AM
पारण: शनि 31 दिसंबर, 7:13 AM से 2:20 AM
NASA JPL DE421 के सूर्य-चंद्र स्थानों से गणना; दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार। अन्य शहरों या परंपराओं में एक दिन का अंतर हो सकता है, इसलिए धार्मिक कार्यों के लिए अपने मंदिर या पंडित से पुष्टि करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अगली एकादशी कब है?
अगली एकादशी पापांकुशा एकादशी गुरु 22 अक्टूबर 2026 को है। तिथि बुध 21 अक्टूबर, 2:12 PM से गुरु 22 अक्टूबर, 2:48 PM (IST) तक रहेगी।
साल में कितनी एकादशी होती हैं?
सामान्य वर्ष में 24 एकादशी होती हैं, हर चंद्र मास में दो (शुक्ल और कृष्ण पक्ष में एक-एक)। अधिक मास वाले वर्ष में 26 होती हैं।
पारण क्या है?
एकादशी व्रत को अगले दिन सूर्योदय के बाद और द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले खोलना पारण कहलाता है। हर एकादशी का पारण समय ऊपर दिया गया है।
कुछ पंचांगों में अलग तारीख क्यों होती है?
जब एकादशी दो सूर्योदय तक रहती है, तो स्मार्त परंपरा पहले दिन और वैष्णव परंपरा आमतौर पर दूसरे दिन व्रत रखती है। यहाँ तारीख दिल्ली के सूर्योदय की तिथि के अनुसार है; अन्य शहरों में एक दिन का अंतर हो सकता है।
Keep exploring, all free