चंद्राष्टम · IST
कुंभ राशि का चंद्राष्टम
अगला: शुक्र 9 अक्टूबर, 3:18 AM से रवि 11 अक्टूबर, 10:04 AM (IST)
कुंभ राशि के लिए चंद्राष्टम तब होता है जब चंद्रमा कन्या राशि में होता है, यानी आपकी राशि से आठवें भाव में। यह लगभग ढाई दिन रहता है और करीब हर 27 दिन में लौटता है।
चंद्राष्टम में चंद्रमा आपकी राशि से आठवें भाव में होता है। पारंपरिक रूप से इसे मन और निर्णयों के लिए संवेदनशील समय माना जाता है।
कुंभ राशि की आने वाली चंद्राष्टम तिथियाँ (IST)
शुक्र 9 अक्टूबर, 3:18 AM से रवि 11 अक्टूबर, 10:04 AM · चंद्रमा कन्या में
गुरु 5 नवंबर, 9:35 AM से शनि 7 नवंबर, 5:16 PM · चंद्रमा कन्या में
बुध 2 दिसंबर, 3:00 PM से शुक्र 4 दिसंबर, 11:03 PM · चंद्रमा कन्या में
मंगल 29 दिसंबर, 9:38 PM से शुक्र 1 जनवरी, 4:47 AM · चंद्रमा कन्या में
मंगल 26 जनवरी, 6:45 AM से गुरु 28 जनवरी, 12:09 PM · चंद्रमा कन्या में
सोम 22 फ़रवरी, 5:30 PM से बुध 24 फ़रवरी, 9:31 PM · चंद्रमा कन्या में
सोम 22 मार्च, 3:45 AM से बुध 24 मार्च, 7:33 AM · चंद्रमा कन्या में
रवि 18 अप्रैल, 11:52 AM से मंगल 20 अप्रैल, 4:32 PM · चंद्रमा कन्या में
शनि 15 मई, 5:53 PM से सोम 17 मई, 11:34 PM · चंद्रमा कन्या में
शुक्र 11 जून, 11:18 PM से सोम 14 जून, 5:11 AM · चंद्रमा कन्या में
शुक्र 9 जुलाई, 6:00 AM से रवि 11 जुलाई, 10:54 AM · चंद्रमा कन्या में
गुरु 5 अगस्त, 2:50 PM से शनि 7 अगस्त, 6:08 PM · चंद्रमा कन्या में
गुरु 2 सितंबर, 1:13 AM से शनि 4 सितंबर, 3:17 AM · चंद्रमा कन्या में
बुध 29 सितंबर, 11:34 AM से शुक्र 1 अक्टूबर, 1:27 PM · चंद्रमा कन्या में
इस दौरान क्या महसूस हो सकता है
आठवें भाव में चंद्रमा यानी आपकी राशि के लिए चंद्राष्टम का समय है। मन अशांत रह सकता है और निर्णय डगमगाते लग सकते हैं।
संबंध
वाद-विवाद से बचें और संयम रखें।
कार्य
नए अनुबंध, बड़े फैसले और जोखिम भरे काम टालें; नियमित काम करते रहें।
धन
उधार देने-लेने और बड़े निवेश से बचें।
स्वास्थ्य
चोट-चपेट से सावधान रहें; वाहन धीमे चलाएँ।
परंपरा में क्या टाला जाता है
- अनुबंध या बड़े समझौते पर हस्ताक्षर
- नया व्यवसाय या उपक्रम शुरू करना
- लंबी यात्रा और जोखिम भरी ड्राइविंग
- उधार देना या लेना
- परिवार में गरमागरम बहस
- बड़ी खरीदारी और निवेश
- बड़ी घोषणाएँ करना
- गैर-ज़रूरी सर्जरी या प्रक्रियाएँ
- नई नौकरी या बड़ी परियोजना शुरू करना
आसान और मुफ़्त उपाय
- जप: ॐ सों सोमाय नमः, सूर्योदय और सूर्यास्त पर 11 बार।
- अर्पण: शिवजी को जल या दूध चढ़ाएँ, या ॐ नमः शिवाय का जप करें।
- दान: ज़रूरतमंद को चावल या दूध, सूर्यास्त से पहले।
- चंद्र पूजा: सूर्यास्त के बाद चंद्रमा को थोड़ा जल अर्पित करें।
- दीपक: संध्या को दीपक जलाकर दो मिनट शांत बैठें।
- विश्राम: सोने से एक घंटा पहले स्क्रीन बंद करें और जवाब देने से पहले तीन गहरी साँसें लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चंद्राष्टम क्या है?
जब चंद्रमा आपकी जन्म राशि (चंद्र राशि) से आठवीं राशि में गोचर करता है, तो उसे चंद्राष्टम कहते हैं। परंपरा में इसे मन, स्वास्थ्य और निर्णयों के लिए संवेदनशील समय माना जाता है, इसलिए लोग बड़े काम टालते हैं और शांत रहते हैं।
चंद्राष्टम कितने समय तक रहता है?
लगभग ढाई दिन, क्योंकि चंद्रमा एक राशि में इतना ही रहता है। हर राशि के लिए यह लगभग हर 27 दिन में आता है।
चंद्राष्टम में क्या नहीं करना चाहिए?
परंपरा में अनुबंध पर हस्ताक्षर, नया व्यवसाय, लंबी यात्रा, उधार का लेन-देन, बड़ी खरीदारी और गरमागरम बहस से बचा जाता है। रोज़मर्रा का काम, विश्राम और पूजा-पाठ ठीक हैं।
चंद्राष्टम के उपाय क्या हैं?
आसान और मुफ़्त उपाय: ॐ सों सोमाय नमः का 11 बार जप, शिवजी को जल या दूध, चावल या दूध का दान और शांत व्यवहार। ये पारंपरिक उपाय हैं, कोई गारंटी नहीं।
यह किस राशि पर लागू होता है, सूर्य राशि पर?
यह आपकी चंद्र राशि (जन्म राशि) पर लागू होता है, सूर्य राशि पर नहीं। अपनी चंद्र राशि जानने के लिए चंद्र राशि कैलकुलेटर या जन्म कुंडली देखें।
पारंपरिक वैदिक मार्गदर्शन, चिंतन के लिए; कोई गारंटी, भविष्यवाणी या पेशेवर सलाह नहीं। समय NASA JPL DE421 और लाहिड़ी अयनांश से, भारतीय मानक समय में।
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