चंद्राष्टम · IST
मिथुन राशि का चंद्राष्टम
अगला: रवि 18 अक्टूबर, 7:33 PM से बुध 21 अक्टूबर, 7:01 AM (IST)
मिथुन राशि के लिए चंद्राष्टम तब होता है जब चंद्रमा मकर राशि में होता है, यानी आपकी राशि से आठवें भाव में। यह लगभग ढाई दिन रहता है और करीब हर 27 दिन में लौटता है।
चंद्राष्टम में चंद्रमा आपकी राशि से आठवें भाव में होता है। पारंपरिक रूप से इसे मन और निर्णयों के लिए संवेदनशील समय माना जाता है।
मिथुन राशि की आने वाली चंद्राष्टम तिथियाँ (IST)
रवि 18 अक्टूबर, 7:33 PM से बुध 21 अक्टूबर, 7:01 AM · चंद्रमा मकर में
रवि 15 नवंबर, 3:12 AM से मंगल 17 नवंबर, 3:31 PM · चंद्रमा मकर में
शनि 12 दिसंबर, 9:52 AM से सोम 14 दिसंबर, 10:36 PM · चंद्रमा मकर में
शुक्र 8 जनवरी, 3:59 PM से सोम 11 जनवरी, 4:35 AM · चंद्रमा मकर में
गुरु 4 फ़रवरी, 10:18 PM से रवि 7 फ़रवरी, 10:37 AM · चंद्रमा मकर में
गुरु 4 मार्च, 5:21 AM से शनि 6 मार्च, 5:35 PM · चंद्रमा मकर में
बुध 31 मार्च, 1:08 PM से शनि 3 अप्रैल, 1:33 AM · चंद्रमा मकर में
मंगल 27 अप्रैल, 9:12 PM से शुक्र 30 अप्रैल, 9:54 AM · चंद्रमा मकर में
मंगल 25 मई, 4:53 AM से गुरु 27 मई, 5:50 PM · चंद्रमा मकर में
सोम 21 जून, 11:49 AM से गुरु 24 जून, 12:51 AM · चंद्रमा मकर में
रवि 18 जुलाई, 6:04 PM से बुध 21 जुलाई, 7:04 AM · चंद्रमा मकर में
रवि 15 अगस्त, 12:07 AM से मंगल 17 अगस्त, 1:05 PM · चंद्रमा मकर में
शनि 11 सितंबर, 6:37 AM से सोम 13 सितंबर, 7:34 PM · चंद्रमा मकर में
शुक्र 8 अक्टूबर, 1:59 PM से सोम 11 अक्टूबर, 2:56 AM · चंद्रमा मकर में
इस दौरान क्या महसूस हो सकता है
आठवें भाव में चंद्रमा यानी आपकी राशि के लिए चंद्राष्टम का समय है। मन अशांत रह सकता है और निर्णय डगमगाते लग सकते हैं।
संबंध
वाद-विवाद से बचें और संयम रखें।
कार्य
नए अनुबंध, बड़े फैसले और जोखिम भरे काम टालें; नियमित काम करते रहें।
धन
उधार देने-लेने और बड़े निवेश से बचें।
स्वास्थ्य
चोट-चपेट से सावधान रहें; वाहन धीमे चलाएँ।
परंपरा में क्या टाला जाता है
- अनुबंध या बड़े समझौते पर हस्ताक्षर
- नया व्यवसाय या उपक्रम शुरू करना
- लंबी यात्रा और जोखिम भरी ड्राइविंग
- उधार देना या लेना
- परिवार में गरमागरम बहस
- बड़ी खरीदारी और निवेश
- बड़ी घोषणाएँ करना
- गैर-ज़रूरी सर्जरी या प्रक्रियाएँ
- नई नौकरी या बड़ी परियोजना शुरू करना
आसान और मुफ़्त उपाय
- जप: ॐ सों सोमाय नमः, सूर्योदय और सूर्यास्त पर 11 बार।
- अर्पण: शिवजी को जल या दूध चढ़ाएँ, या ॐ नमः शिवाय का जप करें।
- दान: ज़रूरतमंद को चावल या दूध, सूर्यास्त से पहले।
- चंद्र पूजा: सूर्यास्त के बाद चंद्रमा को थोड़ा जल अर्पित करें।
- दीपक: संध्या को दीपक जलाकर दो मिनट शांत बैठें।
- विश्राम: सोने से एक घंटा पहले स्क्रीन बंद करें और जवाब देने से पहले तीन गहरी साँसें लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चंद्राष्टम क्या है?
जब चंद्रमा आपकी जन्म राशि (चंद्र राशि) से आठवीं राशि में गोचर करता है, तो उसे चंद्राष्टम कहते हैं। परंपरा में इसे मन, स्वास्थ्य और निर्णयों के लिए संवेदनशील समय माना जाता है, इसलिए लोग बड़े काम टालते हैं और शांत रहते हैं।
चंद्राष्टम कितने समय तक रहता है?
लगभग ढाई दिन, क्योंकि चंद्रमा एक राशि में इतना ही रहता है। हर राशि के लिए यह लगभग हर 27 दिन में आता है।
चंद्राष्टम में क्या नहीं करना चाहिए?
परंपरा में अनुबंध पर हस्ताक्षर, नया व्यवसाय, लंबी यात्रा, उधार का लेन-देन, बड़ी खरीदारी और गरमागरम बहस से बचा जाता है। रोज़मर्रा का काम, विश्राम और पूजा-पाठ ठीक हैं।
चंद्राष्टम के उपाय क्या हैं?
आसान और मुफ़्त उपाय: ॐ सों सोमाय नमः का 11 बार जप, शिवजी को जल या दूध, चावल या दूध का दान और शांत व्यवहार। ये पारंपरिक उपाय हैं, कोई गारंटी नहीं।
यह किस राशि पर लागू होता है, सूर्य राशि पर?
यह आपकी चंद्र राशि (जन्म राशि) पर लागू होता है, सूर्य राशि पर नहीं। अपनी चंद्र राशि जानने के लिए चंद्र राशि कैलकुलेटर या जन्म कुंडली देखें।
पारंपरिक वैदिक मार्गदर्शन, चिंतन के लिए; कोई गारंटी, भविष्यवाणी या पेशेवर सलाह नहीं। समय NASA JPL DE421 और लाहिड़ी अयनांश से, भारतीय मानक समय में।
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